केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी को मिली शिक्षा मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी।

दिल्ली के जंतर-मंतर पर एवं देश-भर में बच्चों द्वारा नीट पेपर लीक मामले में आंदोलन के चलते आखिरकार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार भारत के राष्ट्रपति द्रोपती मुरमू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा-
दिल्ली के जंतर-मंतर पर एवं देश-भर में बच्चों द्वारा नीट पेपर लीक मामले में आंदोलन के चलते आखिर कर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार भारत के राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री की सलाह पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया।

केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी- भारत के राष्ट्रपति द्वारा धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार करने के बाद राष्ट्रपति द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है। जिसकी पुष्टि राष्ट्रपति भवन की और से भी की गई है।

कौन हैं केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी –
केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी का जन्म 27 नवंबर 1962 को कर्नाटक के विजयपुर में हुआ था। इनके पिता स्वर्गीय वेंकटेश जोशी भारतीय रेलवे में कर्मचारी थे। और माता मालतीबाई ग्रहणी थीं। इनकी पत्नी ज्योति जोशी हैं और इनके 3 बच्चे हैं।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रहलाद जोशी की शिक्षा- केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रहलाद जोशी ने अपनी शुरुआती शिक्षा रेलवे स्कूल एवं हुबली के न्यू इंग्लिश स्कूल से पूरी की है। उसके बाद स्नातक के. एस. आर्ट्स कॉलेज हुबली से बी ए ( BA) की डिग्री पूरी की। केंद्रीय शिक्षा मंत्री शुरू से ही सामाजिक और राजनीतिक कामों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते थे और आरएसएस से जुड़ गए थे।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रहलाद जोशी की राजनीतिक शुरुआत – केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी बचपन से ही RSS से जुड़ गए थे और यही से इनकी राजनीतिक शुरुआत हो जाती है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रहलाद जोशी ने हुबली के ईदगाह मैदान में तिरंगा फहराने के आंदोलन और कश्मीर बचाओ आंदोलन का नेतृत्व किया । यहीं से इन्हें एक नई पहचान और राजनीतिक जीवन की नई उड़ान मिली। वह पहली बार 2004 में कर्नाटक के धारवाड़ निर्वाचन क्षेत्र से सांसद बने और यही से लगातार 2004, 2009, 2014, 2019 और 2024 से 5 बार सांसद चुने गए।

2019 से 2024 तक इन्हें मोदी सरकार में इन्हें संसदीय कार्य, कोयला और खान मंत्रालय की ज़िम्मेदारी सौंपी गई। 2024 के बाद इन्हें उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय का दायित्व मिला। हाल ही में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद इन्हें शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया।



