उज्जैन बाबा महाकाल की नगरी में फिर हुवा चमत्कार, पढ़िए आखिर कैसे मरने के बाद जिंदा हुवा व्यक्ति…

उज्जैन (विजयपाल पांचाल)। बाबा महाकाल की नगरी में वेसे तो चमत्कार होते रहते है,पर यहाँ सेठी नगर के निवासी एक व्यक्ति की ब्रेन हेमरेज के कारण मृत्यु हो गई थी। इंदौर में डॉ द्वारा भी मृत घोषित कर दिया था। इंदौर से उज्जैन आते समय स्पीड ब्रेकर पर दचके के कारण फिर से सांस चलना चालू हो गई।जिससे पूरे परिवार में एक पल में ही गहन दुःख से खुशी का माहोल छा गया।
हम बात कर रहे है उज्जैन के सेठी नगर में रहने वाले राधेश्याम पटीदार की, जिनकी 22 जनवरी को अचानक तबीयत खराब हो जाती है। परिवार वाले तुरंत उन्हें शहर के निजी अस्पताल में इलाज के लिए ले जाते है। डॉ द्वारा राधेश्याम पाटीदार को देखने के बाद बोलते है, इन्हें ब्रेन हेमरेज है। परिजन बिना देरी किए अच्छे इलाज के लिए उज्जैन से इंदौर के एक निजी अस्पताल ले जाते है, जहां पर डॉ राधेश्याम पाटीदार को भर्ती कर देते है।
अस्पताल में इलाज के दौरान परिजनों पर फोन आता है, हमे माफ करना हम राधेश्याम जी पाटीदार को नहीं बचा पाये, ये सुनते ही परिवार में मानो दुःखो का पहाड़ टूट पड़ा। परिवारजन इंदौर पहुँचे और डॉ से बात की डॉ ने बताया इलाज के दौरान अचानक राधेश्याम पाटीदार की साँस रुक गई और वे मृत्यु लोक को चले गये।
परिवार वालों ने सभी रिश्तेदारों सहित अपने परिचितों को व्हाट्स एप पर राधेश्याम पाटीदार की देवलोक गमन की सूचना भेज दी। रिश्तेदार और परिचित घर पर आना शुरू हो गए। मृतक राधेश्याम पाटीदार को इंदौर के निजी अस्पताल से एम्बुलेंस द्वारा उज्जैन लाया जा रहा था, तभी उज्जैन बाबा महाकाल की नगरी में स्पीड ब्रेकर पर दचका आने से राधेश्याम पाटीदार की सांस फिर से चालू हो गई।
परिजन कुछ पल सोच नहीं पाये, और आँखों से खुशी के आँशु झलक गये। परिजनों ने तुरंत सभी को फोन लगाया और बताया -*टाइगर अभी जिंदा है।*
परिजनों ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि ये सब बाबा महाकाल राजा की कृपा है। किसी ने सच ही कहा है- *जाको राखे साइँया, मार सके ना कोई…।*



