धर्मप्रदेश

उज्जैन में श्री सोभाग्य सूर्य अणु जिनेन्द्र वाटिका में 250 से अधिक वर्षीतप आराधको का हुआ पारणा।

उज्जैन || उज्जैन की पवित्र पावन धरा पर, पांच से अधिक राज्यों से करीब 250 से अधिक तपस्वी अपने 13 माह की कठिन तपस्या वर्षीतप का पारणा करने श्री सोभाग्य सूर्य अणु जिनेन्द्र वाटिका में आचार्य प्रवर श्री उमेश मुनि जी मा.सा. अणु के सुशिष्य आगम विशारद बुद्ध पुत्र प्रवर्तक देव श्री जिनेन्द्र मुनि जी म.सा. के पावन सानिध्य में अपनी वर्षीतप आराधना को पारणे (इशु रस )को ग्रहण कर पूर्ण किया | यह आयोजन श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ नयापुरा उज्जैन के तत्वाधान में सम्पन्नं हुआ | यह जानकारी देते हुए प्रशासनिक एवं मिडिया समिति के संयोजक: मनोज मेहता ने बताया की जैन दर्शन में तप का अपना महत्व है, जिसमे वर्षीतप को काफी कठिन तपस्या माना जाता है, चेत्र मास से शुरू होकर वैशाख शुक्ल यानि अक्षय तृतीय को पारणे के साथ वर्षीतप की पूर्णहुति होती है|  इस अवसर पर सभी मंचासिन अतिथियो और श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ नयापुरा उज्जैन ने इस आयोजन के सम्पूर्ण लाभार्थी कनकमल, सुनील, संजय कांकरिया का बहुमान कर अभिनंदन पत्र भेट किया।

इस अवसर पर धर्मसभा को संबोधित करते हुए आगम विशारद बुद्ध पुत्र प्रवर्तक देव श्री जिनेन्द्र मुनि जी म.सा ने अपने आशीर्वचन में यही फरमाया की मानव भव मिलना दुर्लभ है ,इस दुर्लभता का हम चिंतन करे और ज्ञान ,दर्शन ,चारित्र ,तप को आत्मसात कर अपने परम लक्ष्य मोक्ष को प्राप्त करे

*क्या होता है वर्षीतप* – वर्षीतप काफी कठिन तपस्या है,जिसमे आराधक 13 माह तक लगातार एकान्तर तप (एक दिन छोड़ कर) एकासना (दिन में एक बार एक बैठक पर भोजन ग्रहण करना) एवं जैन उपवास जिसमे सूर्यास्त तक केवल उबला हुआ पानी ही ग्रहण करते है और कई आराधक तो पानी तक ग्रहण नही करते है| इसके साथ ही आराधक धर्म क्रियाओ में लीन होकर प्रतिदिन सामायिक,प्रतिक्रमण,नवकार मंत्र का जाप ,गुरुदर्शन,गुरुवन्दन के साथ ही अन्य धार्मिक क्रियाए करते है | यह तप करने से मन वचन काया की शुद्धी होती है, साथ ही कर्म शय होते है |
आचार्य प्रवर श्री उमेश मुनि जी मा.सा. अणु के सुशिष्य आगम विशारद बुद्ध पुत्र प्रवर्तक देव श्री जिनेन्द्र मुनि जी म.सा से आशीर्वाद लेने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव चिमनगंज अनाजमंडी पधारें |


कार्यक्रम की अध्यक्षता उज्जैन उत्तर के विधायक अनिल  जैन कालुहेडा ने की | विशेष अतीथि सांसद अनिल फ़िरोजिया, महापौर मुकेश टटवाल, नारायण यादव (समाज सेवी),ओम जैन, पार्षद शीवेंद्र तिवारी, राजेश बाथम,महामंत्री जगदीश पांचाल, जीतेन्द्र अग्रवाल उपस्थित थे | अतिथियो का स्वागत श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ नयापुरा उज्जैन संरक्षक मुकेश रांका,संतोष गादिया, अध्यक्ष प्रवीण कांकरिया,सचिव दिलीप(बंटी) मेहता ,उपाध्यक्ष दिलीप ललवानी, योगेश सोनी कोषाध्यक्ष प्रकाश रांका,मनीष चोपडा, नवयुवक संघ –हर्ष लोढा,नमन मेहता,अभय मेहता,राकेश काठेड,सोहन आचलिया,प्रशांत मेहता,राजेश चपलोद राजेश मेहता,पलाश डांगी ,उज्वल मेहता ,पुष्पेन्द्र ओरा ,मोहित कुमठ,राजेश वेदमुथा ,प्रीतेश पावेचा, थे।

इस अवसर पर विधायक अनिल  जैन कालुहेडा ने तपस्वियों की अनुमोदना करते हुए रसेंइन्द्रियों पर विजय प्राप्त करना बड़ा कठिन हे ,किन्तु यहा उपस्थित 250 से अधिक वर्षीतप तपस्वियों ने यह करके दिखाया है, सभी तपस्वियों को खूब खूब साधुवाद आप इसी तरह तप के मार्ग पर आगे बढ़ते हुए अपने मानव भव को सार्थक करे |कार्यक्रम का संचालन मनीष चोपडा ने किया|

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