सोशल मीडिया पर चल रहे “घिबली इमेज” को लेकर पुलिस अधीक्षक ने साइबर सुरक्षा को लेकर सावधान रहने की अपील की।

उज्जैन। इन दिनों सोशल मीडिया पर *जापानी एनीमेशन आर्ट शैली “घिबली”* से प्रेरित एआई जनरेटेड इमेज तेजी से वायरल हो रही हैं। यह ट्रेंड इतना लोकप्रिय हो चुका है कि हर सोशल मीडिया यूजर अपने और अपने परिवार के फोटो को “घिबली स्टाइल” में बदलवाने की इच्छा रखता है।
इस संदर्भ में पुलिस अधीक्षक, उज्जैन ने साइबर सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण अलर्ट जारी किया है। पुलिस अधीक्षक उज्जैन का कहना है कि साइबर अपराधी ऐसे ट्रेंड्स का लाभ उठाने के लिए सक्रिय हो जाते हैं। जैसे ही कोई विषय इंटरनेट पर अधिक सर्च होने लगता है, अपराधी उससे संबंधित फेक ऐप्स, वेबसाइट्स और एपीके फाइलें तैयार कर सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों तक पहुंचाते हैं।
सावधानियां एवं सुझाव –
01. कोई भी ऐप डाउनलोड करने से पहले उसकी सुरक्षा, रिव्यू और सोर्स की जांच करें।
02. व्हाट्सएप, टेलीग्राम या अन्य माध्यमों से प्राप्त अज्ञात एपीके फाइलों को डाउनलोड न करें।
03. एआई इमेज जेनरेटर ऐप्स की आधिकारिक वेबसाइट या वेरिफाइड ऐप स्टोर से ही डाउनलोड करें।
04. किसी भी अनवेरिफाइड लिंक पर क्लिक न करें जो घिबली इमेज जनरेशन या संबंधित सेवा का दावा करे।
पुलिस अधीक्षक द्वारा यह जानकारी दी गयी की यदि कोई यूजर गलती से ऐसा फेक ऐप डाउनलोड कर लेता है तो उसके डिवाइस से निजी डेटा, फोटो, कॉन्टैक्ट्स और बैंकिंग जानकारी साइबर अपराधियों के हाथ लग सकती है। इससे न केवल आर्थिक हानि हो सकती है बल्कि आपकी निजी जानकारी का दुरुपयोग भी किया जा सकता है।
पुलिस की अपील:-
इंटरनेट पर ट्रेंडिंग कंटेंट को लेकर सजग रहें।
किसी भी तकनीकी सेवा या ऐप का उपयोग करने से पहले उसकी प्रमाणिकता की जांच अवश्य करें।
किसी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत नजदीकी पुलिस थाने में संपर्क करें या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें।



